पटना। भाकपा-माले ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से हटाए गए नामों की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और अनियमितताओं को लेकर भारत निर्वाचन आयोग को एक बार फिर पत्र लिखा है। पार्टी के राज्य सचिव कॉमरेड कुणाल ने मांग की है कि हटाए गए मतदाताओं की वर्गीकृत सूची और हटाने के कारणों का विवरण राज्य स्तर पर तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ताकि मामले की गहन जांच हो सके।
पारदर्शिता का अभाव
कॉमरेड कुणाल ने कहा कि जिला स्तर पर दी जा रही सूची में नाम हटाने के कारणों का कोई उल्लेख नहीं है, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह अपारदर्शी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया संदेहास्पद है और इसमें गंभीर अनियमितताएं हैं।
मुस्लिम बहुल क्षेत्रों पर असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, एसआईआर के तहत सबसे अधिक नाम सीमांचल और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों से हटाए गए हैं। गोपालगंज में 15%, किशनगंज और पूर्णिया में 12%, मधुबनी और भागलपुर में 10% नाम कटे हैं। कॉमरेड कुणाल ने कहा कि इससे साफ है कि अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है।
महिलाओं के नामों पर सवाल
जेंडर के आधार पर देखें तो 60% से अधिक महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जो अविश्वसनीय और चिंताजनक है। भाकपा-माले ने इसकी सघन जांच की घोषणा की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को क्यों बाहर किया गया।
अनियमितताओं की शिकायतें
पार्टी ने कई अनियमितताओं की शिकायतें आयोग के सामने रखी हैं:
- गया, बाराचट्टी: बूथ नंबर 305 पर एक ही इपिक नंबर (DQN0922989) पर दो लोगों—प्रमिला देवी और शांति देवी—के नाम दर्ज हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि एक ही इपिक नंबर पर दो व्यक्तियों का नाम कैसे संभव है।
- भोरे विधानसभा: बूथ नंबर 339 पर कुदरत खां (इपिक: YTH2297927) और शैलेश प्रसाद (इपिक: YTH0839654) के नाम एसआईआर में नहीं हैं, लेकिन आयोग ने अलग इपिक नंबरों (DQN0922989 और YTH0294678) के साथ उनके नाम होने की बात कही। पार्टी ने इपिक नंबर में बदलाव पर सवाल उठाया है।
- तरारी विधानसभा: बूथ नंबर 210 पर विनय कुमार तिवारी ने नाम बदलकर तीन जगह (सोनू कुमार तिवारी, विनय कुमार तिवारी, विकास कुमार तिवारी) सूची में दर्ज कराया। इसी बूथ पर दिवाकर तिवारी, प्रभावित देवी, सुधांशु शेखर और रिंकी देवी के नाम भी दो-दो जगह दर्ज हैं।
- औरंगाबाद: बूथ 31 और 32 से सही मतदाताओं (प्रमिला देवी, सुमित्रा देवी, राजेश सिंह, पुनम देवी, हरी लाल राम आदि) के नाम हटाए गए हैं।
- दीघा: बूथ 260 और 262 पर 10 मृत मतदाताओं (बेलमनी देवी, अर्जुन साव, शोभना देवी आदि) के नाम एसआईआर में शामिल हैं।
- जहानाबाद: जाफरगंज के मुस्लिम मुहल्ले में 200 से अधिक लोगों के नाम काटे गए, जैसा कि दैनिक भास्कर ने बताया।
प्रवासी मजदूरों की शिकायतें
पार्टी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों के नाम भी सूची से हटाए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। कॉमरेड कुणाल ने आशंका जताई कि भाजपा के इशारे पर यह प्रक्रिया जल्दबाजी में की गई, जिससे सही मतदाताओं के नाम बाहर हो गए।
आयोग से मांग
भाकपा-माले ने आयोग से सभी शिकायतों की गहन जांच और वस्तुस्थिति से अवगत कराने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि वह इस मामले की जांच-पड़ताल जारी रखेगी और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करेगी।
(जनचौक की रिपोर्ट)